29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षको को टीईटी की अनिवार्यता से किया जाए मुक्त -पंकज यादव

29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त  शिक्षको को टीईटी की अनिवार्यता से  किया जाए मुक्त -पंकज यादव

10 सितंबर  को प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन जनपद अयोध्या की  कार्यकारणी की बैठक सर्किट हाउस मे सम्पन्न हुई 
बैठक का मुख्य एजेंडा बिंदु  माननीय सुप्रीम कोर्ट का 1 सितंबर 2025 का निर्णय जो कि बेसिक शिक्षकों पर प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डाल रहा है के संबंध में बैठक में चर्चा परिचर्चा हुई
केंद्र सरकार के नीतिगत निर्णय 2017 के आदेश की भर्त्सना की गई 2009 में  जिन बातों को RTE  में नहीं रखा गया और बाद में गुपचुप तरीके से अपने ही कानून को बदल कर नया अमेंडमेंट गोपनीय तरीके से लागू किया गया और एक रणनीति के तहत कोर्ट के माध्यम से आदेश पारित करा कर पूरे देश के शिक्षकों को सदमे में डाला गया इसकी भर्त्सना की गई ।
पंकज यादव प्रांतीय संयोजक ने कहा कोई भी कानून लागू तिथि से पूर्व की स्थितियों को छूट प्रदान करने की परंपरा रही है पुरानी पेंशन को खत्म करते समय इसका ध्यान रखा गया और पूर्व में कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों को विकल्प दिया गया था
लेकिन इस बार शिक्षकों की अहर्ता के विषय में खेल खेला गया जब NCTE द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन 2015 तक किया जाता रहा और 2014 में NCTE द्वारा पदोन्नति के संबंध मे टेट की बाध्यता के संबंध में गाइडलाइन जारी की गई फिर क्यों 2017 में इस तरह का अमेंडमेंट लाकर शिक्षकों के साथ छल किया गया ।
*जब टेट इतना ही जरूरी था तो 2009 में ही RTE के नियमों में इसको क्यों नहीं डाला गया ।
केंद्र सरकार का यह कदम संदिग्ध है निश्चित ही इस के बाद केंद्र सरकार की प्लानिंग बेसिक शिक्षकों के संबंध में कुछ और ही होगी तभी राज्य सरकारों ने भी इस अमेंडमेंट का जिक्र नहीं किया
अब जब शिक्षक 20, 25 साल की सेवा कर चुका है और अब उसे सिलेबस से इतर जाकर प्रतियोगी परीक्षा को क्रैक करना होगा यह उसके लिए आसान नहीं होगा ये बहुत ही गम्भीर विषय है और  देश और प्रदेश  का शिक्षक सदमे में है गहरी चिंता और अवसाद की स्थिति में आ गया है जो बहुत ही घातक है केंद्र सरकार 2011 से पहले नियुक्त शिक्षको को टीईटी से मुक्त करें!
जिला अध्यक्ष श्याम जी वर्मा ने कहा पहले अनुभव को वरीयता दिया जाता रहा है लेकिन इस तरह के आदेश शिक्षा और शिक्षकों के भविष्य को गर्त की तरफ धकेलेगा
और प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन बेरोजगारों का दोहन करेंगे और बेसिक शिक्षा को हथियाने का प्रयास करेंगे
महामंत्री विवेक चौधरी ने बताया कि आज की बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया कि एक बृहद अभियान चला कर भारत की जनता /बेसिक शिक्षकों के परिवारजन माननीय प्रधानमंत्री  एवं  मुख्यमंत्री को इस निर्णय के प्रति रोष दिखाते हुए सहयोग की अपील करेंगे !
साथ ही pspsa ने आह्वान किया है कि वर्तमान समय संगठनों के आपसी विरोध का नहीं है सभी अपने प्रतिद्वंदियों से विरोध खत्म करते हुए एक मंच पर एक सुर में साथ आने का प्रयास करें और इस निर्णय के विरुद्ध अपनी आवाज बहरी सरकारों के कानो में पहुंचाएं pspsa किसी भी संगठन के आह्वान पर उसके कार्यक्रम का हिस्सा बनते हुए इस नीति निर्णय का विरोध करेगा!बैठक में  अवधेस वर्मा दयाशंकर भारती राजेश यादव इंकलाब हैदर खान अरविंद यादव, विवेक यादव  राजीव सिंह ,आकाश महरोत्रा उपस्थित रहें!

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