SIR के दबाव में शिक्षक विपिन यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत : शिक्षकों में शोक की लहर, CRO को जांच के आदेश
गोंडा,नवाबगंज थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जैतपुर माझा में तैनात शिक्षक विपिन यादव (निवासी– मल्हनी गांव, जौनपुर) की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगड़ने के बाद लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। विपिन की एसआईआर कार्य में BLO के तौर पर ड्यूटी लगी थी और वह मंगलवार की सुबह विपिन यादव स्कूल जाने के लिए निकले थे कि रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गयी।
बताया जा रहा है कि काम के दबाव में विपिन ने संदिग्ध हालत में जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई। साथी शिक्षकों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत उन्हें नवाबगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से स्थिति गंभीर होने पर उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने CPR देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उन्हें लखनऊ भेजने का निर्णय लिया गया।
DM प्रियंका निरंजन पहुंचीं मेडिकल कॉलेज, अपनी निगरानी में करवाया रेफर
घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन खुद मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने इलाज कर रहे डॉक्टरों और CMO से पूरी जानकारी ली और तुरंत एसडीएम सदर व नवाबगंज के नायब तहसीलदार की निगरानी में उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कराया लेकिन वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। विपिन यादव के आकस्मिक निधन से शिक्षा विभाग, सहकर्मियों और स्थानीय क्षेत्र में शोक और आघात का माहौल है।
SIR कार्य में लगे थे BLO के रूप में, 50% काम पूरा किया था
विपिन यादव की मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के लिए BLO की ड्यूटी लगी थी। वे अपना लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा भी कर चुके थे। मंगलवार सुबह वह स्कूल जाने के लिए निकले थे लेकिन रास्ते में ही उनकी तबीयत बिगड़ गयी।
ड्यूटी डॉक्टर ने बताया – बेहद गंभीर हालत में लाया गया था
गोंडा मेडिकल कॉलेज के ऑन-ड्यूटी डॉक्टर आफताब आलम ने बताया कि “शिक्षक विपिन यादव को बेहद गंभीर हालत में लाया गया था। प्रोटोकॉल के तहत हर जरूरी उपचार दिया गया, CPR भी दिया गया, लेकिन हालत खराब होने पर लखनऊ रेफर करना पड़ा।”
DM का बयान: रास्ते में बिगड़ी थी तबीयत
DM प्रियंका निरंजन ने कहा कि विपिन यादव सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे और रास्ते में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल, फिर गोंडा मेडिकल कॉलेज और अंत में लखनऊ भेजा गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उन्होने काम के दबाव में विपिन के जहरीला पदार्थ खाने की खबर का खंडन किया है।
जांच मुख्य राजस्व अधिकारी को सौंपी गई जांच
इस संवेदनशील मामले की गहन जांच के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जायेगी।
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