सिस्टम की दोहरी नीति , बड़े संस्थाओं के लिए नियम सिर्फ बने हैं औपचारिकता ,आम आदमी के खाते में 500 कम होने पर SBI काट लेता है पेनल्टी
देश का सबसे बड़ा बैंक SBI, जो आम आदमी के खाते में ₹500 कम होने पर भी पेनल्टी काट लेता है, आज खुद हजारों करोड़ के टैक्स नोटिस के सामने कोई असर नहीं पड़ेगा का बयान दे रहा है। यह सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सिस्टम की खुली दोहरी नीति का सबूत है।
IT Department का 6,338 करोड़ का नोटिस कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन जिस सहजता से इसे कोर्ट में देख लेंगे कहकर टाल दिया गया, वह दिखाता है कि बड़े संस्थानों के लिए नियम सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए हैं।
आम आदमी अगर कुछ हजार की भी गलती कर दे, तो नोटिस पर नोटिस, जुर्माना और मानसिक दबाव झेलना पड़ता है। लेकिन जब बात बड़े बैंक की आती है, तो वही कानून ढीला पड़ जाता है—यह फर्क अब साफ दिखाई देने लगा है।
सबसे कड़वा सच यह है कि बैंक और टैक्स सिस्टम मिलकर आम जनता को लाइन में लगाओ और घुमाओ मॉडल पर चला रहे हैं। आम नागरिक के लिए नियम सख्त, और बड़े खिलाड़ियों के लिए राहत—यह अन्याय अब छिपा नहीं है।
अगर यही रवैया जारी रहा, तो यह सिर्फ एक बैंक या एक नोटिस का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करेगा। जब कानून सबके लिए बराबर नहीं दिखता, तो भरोसा टूटता है—और एक बार टूटा भरोसा किसी भी सिस्टम के लिए सबसे बड़ा खतरा होता है।
Comments
Post a Comment