संजय सेतु की जर्जर हालत पर हाई कोर्ट सख्त: गोंडा, बाराबंकी और बहराइच के DM तलबलखनऊ/गोंडा:
🚨 संजय सेतु की जर्जर हालत पर हाई कोर्ट सख्त: गोंडा, बाराबंकी और बहराइच के DM तलब
लखनऊ/गोंडा:
घाघरा नदी पर बने अति-महत्वपूर्ण संजय सेतु की बदहाली और इसकी मरम्मत में हो रही कछुआ चाल पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने लोकहित को सर्वोपरि रखते हुए गोंडा, बाराबंकी और बहराइच के जिलाधिकारियों (DM) को अगली सुनवाई तक पूरी रिपोर्ट के साथ जवाब देने का निर्देश दिया है।
⚖️ कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: 'अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं?'
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पुल लखनऊ को गोंडा, बहराइच और नेपाल से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इसकी सुरक्षा और मरम्मत के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया।
⚠️ NHAI का पक्ष: फंड और रूट डायवर्जन पर फंसा पेंच
सुनवाई के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अपनी दलीलें पेश कीं:
वैकल्पिक व्यवस्था: मरम्मत के दौरान हल्के वाहनों के लिए पीपे का पुल बनाने का सुझाव दिया गया है।
भारी वाहनों पर रोक: बड़े वाहनों को दूसरे रूट पर डायवर्ट करना अनिवार्य होगा।
प्रशासनिक सुस्ती: NHAI का आरोप है कि राज्य सरकार ने अभी तक न तो फंड ट्रांसफर के लिए बैंक विवरण उपलब्ध कराया है और न ही वैकल्पिक मार्ग (Route Diversion) की योजना फाइनल की है।
⏳ अगली सुनवाई अप्रैल में: व्यक्तिगत उपस्थिति की चेतावनी
माननीय न्यायालय ने साफ कर दिया है कि यदि अगली सुनवाई तक संतोषजनक कार्य योजना और जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में तय की गई है।
नोट: संजय सेतु की स्थिति पिछले लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। मरम्मत में देरी न केवल यातायात को प्रभावित कर रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।
#SanjaySetu #LucknowHighCourt #GondaNews #BahraichNews #BarabankiNews #NHAI #UPGovernment
Comments
Post a Comment